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Archive for एप्रिल 9th, 2021

खुद से ही मिलने हूं आई, बडी मुद्दत के बाद
खुद ने हिम्मत है जुटाई, बडी मुद्दत के बाद

खुद से खुद को मिलने की, जरूरत थी आज
खुद को फुरसत है मिल पाई, बडी मुद्दत के बाद

जाने क्या नाराजगी थी खुदको,  खुद के साथ
हुई आज ही मूंहदिखाई, बडी मुद्दत के बाद

नजरे खुद से जब मिलाई खुद ने, शरारत से
नजरे खुद से है शरमाई, बडी मुद्दत के बाद

खुद को पाया है आज, बडी शिद्दत के बाद
ऐसी जन्नत है मिल पाई, बडी मुद्दत के बाद

खुद से मुलाकात हुई, बडी शराफत के साथ
खुद से खुद इज्जत है पाई, बडी मुद्दत के बाद

खुद ने रख्खा था खुद को, बडी हिफाजत के साथ
ये खुद ने समझी है खुदाई, बडी मुद्दत के बाद

बातों का कारवां चलता रहा, इबादत के साथ
बाते जज्बाती होती गई, बडी मुद्दत के बाद

खुद से मिलने से पहले, खुद की दहशत सी थी
खुद से ही मुहोब्बत हुई, बडी मुद्दत के बाद

जयश्री अंबासकर

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